जिम जिहादः मिर्जापुर में ज़िम की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण का रैकेट! फोन में 50 से ज्यादा महिलाओं की फोटो-वीडियो मिलीं, हेड कांस्टेबल समेत नौ आरोपी गिरफ्तार
मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर से एक चौकाने वाली खबर सामने आई है, यहां जिम की आड़ में चल रहे कथित धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है, वो विदेश भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसके सिर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ था। लगातार उसकी तलाश की जा रही थी। मामले में एक पुलिसकर्मी की संलिप्तता भी पाई गयी है। इस केस की जांच में चौंकाने वाले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं। इस गैंग ने कम से कम 30 महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें से ज़्यादातर हिंदू महिलाएं थीं। ये महिलाएं फिजिकल ट्रेनिंग के लिए इन जिम से जुड़ी थीं। आरोपी पहले महिलाओं से दोस्ती करते थे, फिर उनके निजी फोटो और वीडियो हासिल करते थे। इसके बाद एआई टूल्स की मदद से अश्लील कंटेंट तैयार कर पीड़ितों को ब्लैकमेल किया जाता था। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी। इन मांगों में यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव शामिल था। इस मामले में जीआरपी हेड कांस्टेबल इरशाद खान समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में जिम मालिक और ट्रेनर मोहम्मद शेख अली आलम, फैज़ल खान, ज़हीर, शादाब और फरीद अहमद शामिल हैं।मुख्य आरोपी फरीद अहमद को पुलिस पर फायरिंग के बाद एक एनकाउंटर में पकड़ा गया।
हेल्पलाइन नंबर पर कॉल, ऐसे हुआ पूरे मामला का खुलासा
दरअसल, इस कहानी का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला ने महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें शुरुआती तौर पर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया। लेकिन पूछताछ के दौरान एक मोबाइल फोन ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। शिकायत के बाद पुलिस ने मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआत में उसने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए महिला की शिकायत को झूठा करार दिया, लेकिन जब पुलिस ने उसका मोबाइल फोन चेक किया, तो उसमें एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी। पुलिस के अनुसार जब आरोपी से मोबाइल का पासवर्ड मांगा गया तो वह घबरा गया। जैसे ही फोल्डर खोला गया, उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो मिले। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। कई तस्वीरों में महिलाएं बुर्का पहने दिखाई दीं और अलग-अलग जिमों से जुड़े आरोपियों के साथ मौजूद थीं। डिजिटल सबूत सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की। इसके बाद मिर्जापुर के कई जिमों पर छापेमारी की गई और एक के बाद एक गिरफ्तारियां हुईं। इसी दौरान कई अन्य महिलाएं भी सामने आईं और बिना अपनी पहचान उजागर किए पुलिस को अपनी आपबीती बताई। शुरुआत में दो महिलाओं ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि 25 से 30 महिलाओं ने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी शिकायतें पुलिस तक पहुंचाईं। जांच में सामने आया कि आरोपी अमीर घरों की महिलाओं को निशाना बनाते थे और एक बहु-स्तरीय तरीके से उन्हें जाल में फंसाया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी महिलाओं को मुफ्त जिम ट्रेनिंग का लालच देते थे। ट्रेनिंग के दौरान उनकी कई तस्वीरें ली जाती थीं।