Aug 23, 2026 Login

*हल्द्वानी के चंदन हॉस्पिटल में फिर हंगामा: ICU में मरीज की मौत!वेंटिलेटर पर मौत के बाद भी रखने का आरोप, परिजनों का फूटा गुस्सा,अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई*

Another uproar at Haldwani's Chandan Hospital: Family members protest after patient dies in ICU, police take charge.

हल्द्वानी। शहर के चर्चित चंदन हॉस्पिटल में एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। आईसीयू में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। 

चंदन हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाले चर्चित मामले के अनुसार हॉस्पिटल में भर्ती 62 वर्षीय मरीज हेमा देउपा को लेकर कथित लापरवाही उजागर हुई, हॉस्पिटल के आधिकारिक रिकॉर्ड में 15 फरवरी की तिथि पर मरीज को मृत दर्शा दिया गया, जबकि परिजनों के अनुसार जब वे उपचार संबंधी दस्तावेजों की जानकारी लेने अस्पताल पहुंचे तो मरीज की फाइल में मृत्यु दर्ज होने की जानकारी सामने आई, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना समुचित चिकित्सकीय पुष्टि के ही मृत्यु दर्ज कर दी। मामले को गंभीर मानते हुए परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह पूरा मामला गलतफहमी का परिणाम बताया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईसीयू में दो मरीज पास-पास भर्ती थे, जिनमें से एक मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इसी दौरान परिजनों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। बाद में पुलिस और अस्पताल प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया।

पहले भी विवादों में रहा अस्पताल 

गौरतलब है कि यह अस्पताल पूर्व में भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रहा है। पिछले महीने भी एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ था। जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा से एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

परिजनों का आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन ने बिल भुगतान न होने तक शव सौंपने से इनकार कर दिया था। आरोपों के मुताबिक, अस्पताल की ओर से लगभग 80 हजार रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया था, जिसमें से परिजनों ने करीब 53 हजार रुपये जमा भी कर दिए थे, जबकि शेष 27 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।

पुलिस  के हस्तक्षेप के बाद सुलझा था मामला 

मामले के बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। पुलिस की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन और परिजनों के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद शेष बिल राशि में आंशिक छूट दी गई और शव परिजनों को सौंप दिया गया था।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठ रहे सवाल


लगातार सामने आ रहे विवादों के चलते अस्पताल की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों की बिलिंग प्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों के परिजनों के साथ बेहतर संवाद की आवश्यकता है।