ये क्या? चीन गुपचुप तरीके से बना रहा है पुल ,जो भारत के लिए होगा बड़ा खतरा,पुल की सेटेलाइट तस्वीरों से विदेशी पत्रकार ने चीन के गलत इरादों की खोली पोल

भारतीय सेना से अगस्त 2020 में मिली करारी शिकस्त के बाद से ही चीन भारत के खिलाफ नई नई चालें सोचने में लगा था। चीन की एक ऐसी ही चाल का खुलासा तब हुआ जब विदेशी पत्रकार जैक डेट्सच ने दिसम्बर माह में सेटेलाईट फोटोज के साथ एक ट्वीट किया और लिखा कि" अक्तूबर में सेटेलाइट से ली गयी तस्वीरे दिखाती है कि पीछे हटने पर राजी होने के बाद भी चीन पैंगोंग त्सो में अपनी मौजूदगी बढ़ाता जा रहा है"।
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार पैंगोंग झील पर पुल का निर्माण तेज़ी से कर रही है चीन खुरनक इलाके में ये पुल जिस जगह बना रहा है वो झील का सबसे संकरा हिस्सा है। भारत ने चीन को 2020 अगस्त में करारी शिकस्त दी थी ,बातचीत के बाद दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां गतिरोध वाले इलाके से पीछे हट गई थी लेकिन बाद में रिपोर्ट आई कि चीन उसी जगह अपना इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना चाहता है और ड्रैगन तेज़ी से अपना काम कर रहा है।

आपको बता दें कि निर्माणाधीन पुल के तैयार हो जाने के बाद खुरनक से रडोक के ज़रिए पैंगोंग के साउथ किनारे तक की दूरी करीब 180 किमी कम हो जायेगी यानी खुरनक से रडोक की दूरी जो पहले 200 किमी थी अब 40 से 50 किमी रह जायेगी। तकरीबन 160 किमी लंबी पैंगोंग त्सो झील लद्दाख और तिब्बत दोनों के हिस्से में पड़ती है जिसका एक तिहाई से ज़्यादा हिस्सा भारत मे है और बाकी तिब्बत में जो कि फ़िलहाल चीन के कब्जे में है। चीन पुल द्वारा भारत तक दूरी को कम कर भारत पर हमला बोलने की ताक में है। जैक डेट्सच ने चीन के इन नापाक इरादों को ट्वीटर पर साझा किया है।