उत्तराखंड: आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया!राज्य सरकार कर्ज तले डूबी! क्या कहती है रिपोर्ट जानिए खबर के लिंक में

केंद्र में भी बीजेपी और उत्तराखंड में भी बीजेपी! इसके बावजूद उत्तराखंड राज्य कर्ज तले दबा हुआ है। ये कर्ज अगले 3 सालो में एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। राज्य सरकार के बजट दस्तावेजों से बनी एक रिपोर्ट यही बताती है कि 2021-22 तक उत्तराखंड सरकार पर 73,477.72 करोड़ रुपए का कर्ज था,ये कर्ज चुकता नही हुआ उल्टा राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतन,पेंशन विकास इत्यादि के लिए कर्ज पर कर्ज लिए जा रही है। ऐसा ही रहा तो अगले 5 सालों में राज्य सरकार राज्य के विकास, वेतन,पेंशन,इत्यादि के लिए 54,496 करोड़ रुपए का कर्ज और ले सकती है। रिपोर्ट की माने तो उत्तराखंड सरकार कुल राजस्व व्यय का 50 फीसदी वेतन और पेंशन पर ही खर्च कर रही है। 2022-23 के बजट में ये आंकड़ा 54.83 फीसदी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। 
राज्य सरकार को कर्ज उतारने के लिए आय में वृद्धि करनी बेहद जरूरी हो गयी है। राज्य सरकार आय के दूसरे विकल्प तलाशे,और राज्य के संसाधनों पर बेहतर तरीके से काम करे,साथ ही उन क्षेत्रों में काम करे जहा से आय बढ़ने के आसार हो। जीएसटी से भी अगले 5 सालो में करीब 6720 करोड़ रुपए से 10574 करोड़ रुपए तक ही राजस्व प्राप्त होने की संभावना है जबकि इसी पीरियड में कर्ज का अनुमान प्रति वर्ष 8982 करोड़ से लेकर 12994 करोड़ रुपए तक है यानी आमदनी अठन्नी खर्चा रुपया जैसी बात होगी। राज्य सरकार को केंद्र से ज़्यादा अनुदान प्राप्त करने पर काम करना होगा और आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।