उत्तराखंड:राष्ट्रपति चुनाव के रिजल्ट से हुआ साबित कि लग चुकी है विपक्ष के कुनबे में सेंध!क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की एकजुटता खतरे में,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताई नाराज़गी

उत्तराखंड में एकजुटता की बात कहने वाली कांग्रेस राष्ट्रपति चुनाव में एक जुटता नही दिखा पाई । उत्तराखंड में एक वोट क्रॉस वोट के रूप में एनडीए की प्रत्याशी और अब राष्ट्रपति बन चुकी द्रोपदी मुर्मू को मिला,जबकि एक वोट खराब हुआ है। जिसको लेकर कांग्रेस में खलबली मची हुई है।

  उत्तराखंड में मतदान करने वाले विधायको की संख्या 70 है लेकिन 67 विधायक ही राष्ट्रपति चुनाव में वोट कर पाए। उत्तराखंड में द्रौपदी मुर्मू को 50 के बजाय 51 वोट मिले, जबकि विपक्षी प्रत्याशी को 17 के बजाय 15 वोट ही मिले। अब कांग्रेस में खलबली मचनी भी जायज है । कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा के मुताबिक क्रॉस वोटिंग करने वाला वो नेता विपक्ष से मिलने जा रहा है, यदि ऐसा हुआ है तो बेहद गलत है और उस पर अनुशासनहीनता की कारवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ उत्तराखंड ही नही बल्कि और राज्यो से भी क्रॉस वोटिंग की गई है,जबकि इस चुनाव में कई विपक्षी सांसद भी क्रॉस वोटिंग करेंगे इसकी उम्मीद कम ही थी। विधायकों के क्रॉस वोटिंग की खबर तो वोटिंग वाले दिन ही सामने आ गई थी जब कांग्रेस समेत कई दूसरे विपक्षी दलों के विधायकों ने खुलेआम इसकी घोषणा कर दी कि उन्होंने द्रौपदी मुर्मू को वोट किया है। हालांकि उस वक्त कितने विधायक होंगे इसका पता नहीं था। गुरुवार आए नतीजों के बाद जो खबर सामने आई उसमें 17 विपक्षी सांसदों और 104 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। यह क्रॉस वोटिंग विपक्ष की एकता पर चोट है साथ ही उपराष्ट्रपति चुनाव में भी इसका असर देखने को मिलेगा।6 अगस्त को उपराष्ट्रपति का चुनाव है और विपक्ष की ओर से मार्गरेट अल्वा को उम्मीदवार बनाया गया है। उनके सामने एनडीए की ओर से जगदीप धनखड़ हैं।