यूरोप में आग बरसा रहा है आसमान!भयंकर हिटवेव के चलते ब्रिटेन में पिघलने लगीं ट्रेन की पटरियां,रोड का डामर और ट्रैफिक सिग्नल!लंदन ब्रिज को भी ढका गया सिल्वर फॉयल से,राष्ट्रीय आपातकाल हुआ घोषित

इस वर्ष आसमानी आफत बनकर गर्मी लोगो की जान की दुश्मन बन गयी है। आलम ये है कि जंगल जल रहे हैं,लोग मर रहे हैं, एयरपोर्ट के रनवे पिघल रहे हैं,ट्रैफिक सिग्नल पिघल रहे है,सड़कों पर डामर पिघल गया है,इतना ही नहीं, घास तक जल जा रही है। सड़कों पर ऐसा सन्नाटा, मानो फिर से लॉकडाउन लग गया हो। यकीन नही होता? लेकिन ये सच है। यूरोप में गर्मी हद से ज़्यादा बढ़ने की वजह से सब कुछ आग में झुलस रहा है। 
ये हाल इस समय यूरोप का है जहां हर कोई भीषण गर्मी से जूझ रहा है. ब्रिटेन के इतिहास में पहली बार पारा 40 डिग्री के पार चला गया है. इससे पहले आखिरी बार सबसे ज्यादा तापमान 2019 में 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था. स्पेन-पुर्तगाल में हजार से ज्यादा लोगों की मौत गर्मी की वजह से हो चुकी है. 
एयरपोर्ट के रनवे में लगा डामर पिघल रहा हैं, रेलवे ट्रैक फेल हो गए हैं, और सड़कों पर सन्नाटा फैला है। 

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सान्कज ने इस स्थिति को ग्लोबल वार्मिंग से जोड़ा है और कहा है कि अब जलवायु परिवर्तन लोगों की जान ले रहा है।

स्पेन और पुर्तगाल दोनों ही देशों में स्थिति काफी घातक बनी हुई है। लंदन में गर्मी इतनी बढ़ गई है कि यहां के इंजीनियरों को 135 साल पुराने लंदन ब्रिज को सिल्वर फॉयल से ढंकना पड़ रहा है। अगले कुछ दिनों में लंदन का तापमान रिकॉर्ड तोड़ने की ओर बढ़ रहा है। गर्मियों ने पहले ही हालात खराब कर दिए हैं और बारिश न होने से स्थिति और बिगड़ रही है। इस समय तक स्पेन में बारिश शुरू हो जाती है लेकिन यहां अभी बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। इस वजह से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि डामर पिघलने को रोका जा सके।

लंदन के कुछ हिस्सों में जंगल में आग लगी है। इस आग में कई घर नष्ट हो गए हैं। ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि पारा अभी भी इसके ऊपर जा सकता है, और अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर कार्बन उत्सर्जन कम नहीं किया गया, तो स्थिति इससे ज्यादा बुरी हो जाएगी। ब्रिटेन में गर्मी से स्थिति इतनी खराब हो गई हैं कि वहां की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था तक बिगड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, ब्रिटेन में सड़कों पर डामर पिघलने लगा है। लूटन एयरपोर्ट का रनवे भी पिघल गया। ब्रिटेन में गर्मी से हालात कितने खराब हो गए हैं? इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि अपने सख्त अनुशासन के लिए जाना जाने वाले हाउस ऑफ कॉमन्स (संसद) ने सदस्यों को अपनी सुविधा के हिसाब से कपड़े पहनने की इजाजत दे दी है. हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर लिंडसे होयल ने बताया कि इस बढ़ती गर्मी में अगर सांसद टाई-सूट नहीं पहनना चाहते, तो न पहनें।


वहीं, रेलवे ट्रैक बढ़ते तापमान को सहन नहीं कर पा रहे हैं और फैलते जा रहे हैं। मजबूरन लोगों को ट्रेन से यात्रा न करने की सलाह दी गई है। ब्रिटेन में भी ट्रेन की पटरियां पिघलने लगी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ब्रिटेन में सड़कों पर डामर पिघलने लगा है. लूटन एयरपोर्ट का रनवे भी पिघल गया. वहीं, रेलवे ट्रैक भी बढ़ते तापमान को सह नहीं पा रहे हैं और फैल रहे हैं. इस कारण कई ट्रेनें कैंसिल हो चुकीं हैं.

 

फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन, ग्रीस समेत पूरे यूरोपीय देश तप रहे हैं। इंग्लैंड में लोगों को ट्रेन से यात्रा न करने की सलाह दी गई है. परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने बताया कि यूके का रेल नेटवर्क इस भीषण गर्मी का सामना नहीं कर सकता. इसे अपग्रेड करने में सालों लग जाएंगे.

उन्होंने मीडिया को बताया कि पारा 40 डिग्री सेल्सियस होने पर ट्रैक का तापमान 50 डिग्री, 60 डिग्री और यहां तक कि 70 डिग्री तक पहुंच जाता है. इस कारण ट्रैक पिघल सकते हैं और ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा बढ़ जाता है।