रूड़की : ऑनलाइन मोड़ पर हुआ आईआईटी रूड़की का दीक्षांत समारोह

रूड़की (रिपोर्ट इसरार मिर्जा)I भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी) ने 21वाँ वार्षिक दीक्षांत समारोह कोविड काल के चलते ऑनलाइन मोड में आयोजित किया। समारोह की शुरुआत “वैदिक मंत्रोचार” और छात्रों द्वारा 'कुलगीत' (संस्थान गीत) के साथ हुई। इस वर्ष छात्रों को 1804 उपाधियाँ वितरित की गई, इनमें 912 स्नातक, 685 स्नातकोत्तर और 207 डॉक्टरेट उपाधियाँ शामिल हैं।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार खोसला शामिल हुए। बतौर कुलपति प्रो. खोसला 40,000 छात्रों और कई नोबल विजेताओं वाले यूसी सैन डिएगो परिसर के सीईओ के रूप में कार्य करते हैं। एंबेडेड सॉफ़्टवेयर, बुद्धिमान रोबोट सिस्टम और साइबर सुरक्षा में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है। समारोह की अध्यक्षता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की अभिशासक परिषद के अध्यक्ष बी.वी.आर. मोहन रेड्डी ने की।

संस्थान के निदेशक प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी, अभिशासक परिषद एवं सीनेट के सदस्यों, संकाय सदस्यों, कर्मचारी, उपाधियाँ प्राप्त करने वालों के माता-पिता, प्रेस के सदस्य और अन्य गणमान्य लोगों ने भी ऑनलाइन मोड में ही इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

यहाँ तक कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण आए चुनौतीपूर्ण समय में भी आईआईटी रुड़की के सारे कामकाज प्रभावपूर्ण तरीके से चलते रहे और इसने अपने छात्रों को उनका पाठ्यक्रम पूरा करने में सक्षम बनाया। अभूतपूर्व कठिनाइयों और चुनौतियों से पार पाने के बाद अपनी उपाधियाँ और उत्कृष्टता के प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए इस आयोजन का विशेष महत्व था।

इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी ने कहा कि मौजूदा महामारी को देखते हुए, इस वर्ष भी हम अपने दीक्षांत समारोह का आयोजन वर्चुअल मोड में ही कर रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय ख्याति के विद्वान प्रो. प्रदीप खोसला हमारे बीच हैं। आज के दीक्षांत समारोह में 1804 छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गई। जिनमें 912 स्नातक, 685 एम.टेक, एम.आर्क, एमबीए, एम.यू.आर.पी., एम.एस-सी. तथा 207 पी-एच.डी. हैं। उपाधियाँ प्राप्त करने वाले सभी छात्रों और सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की।  

मुख्य अतिथि प्रो. प्रदीप के. खोसला ने कहा होनहार युवाओं को उनके ही चुने हुए रास्ते पर अग्रणी भूमिका निभाने व समाज की उन्नति हेतु मानव की स्थिति को सुधारने के लिए छात्रों को प्रेरित करने का आईआईटी रुड़की का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा मुझे हमेशा से विश्व भर के स्नातकों पर बहुत गर्व होता रहा है। लेकिन इस साल विशेष रूप से हो रहा है। आप (स्नातकों) ने न केवल यह सिद्ध कर दिया है कि आप सांमजस्य स्थापित कर सकते हैं, बल्कि आप विपरीत परिस्थितियों में भी कामयाब हो सकते हैं।