नैनीताल: लंदन के बकिंघम पैलेस या स्कॉटलैंड के बरमोरल पैलेस की तरह दिखता है गॉथिक शैली में बना नैनीताल का ऐतिहासिक राजभवन! आज मनाया जा रहा है राजभवन का 125वां स्थापना दिवस

नैनीताल में यूं तो बहुत सी ऐतिहासिक इमारतें हैं, पर नैनीताल के राजभवन की बात ही कुछ और है। राज भवन इमारत को आज 125 वर्ष पूरे हो चुके हैं।नैनीताल राजभवन में आज केक काटकर इस अद्भुत इमारत का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। विश्व धरोहर नैनीताल का राजभवन गौथिक शैली में निर्मित बेजोड़ इमारत अंग्रेजी के E आकार में बना है। 

राजभवन की नींव 27 अप्रैल 1897 को रखी गयी थी। 220 एकड़ में फैला राज भवन लंदन के बकिंघम पैलेस और scotland के बलमोरल पैलेस की प्रतिकृति है।

किसी एंगल से ये बकिंघम पैलेस लगता है तो कई एंगल से स्कॉटलैंड के बलमोरल पैलेस की तरह दिखाई देता है। 


नैनीताल राजभवन का इतिहास बड़ा ही रोचक है,जब देश की राजधानी दिल्ली के लिए ग्रीष्मकालील राजधानी के रूप में हिमाचल प्रदेश में शिमला को चुना गया तो आगरा व अवध की ग्रीष्मकालील राजधानी के लिए उत्तराखण्ड के नैनीताल नगर को चुना गया था । नैनीताल में 1862 में सर्वप्रथम नोर्थ वेस्ट प्रोविन्स के ले0 गवर्नर का प्रवास नैनीताल नगर में शुरू हुआ । 1862 में प्रथम राजभवन रैमजे हॉस्पिटल परिसर बनाया गया जो कि बाद में 1865 में मालडन हाउस में स्थानान्तरित हुआ। वर्तमान स्नोव्यू में आज भी राजभवन के कुछ अवशेष मौजूद है।

 आज नैनीताल के राजभवन के 125 वर्ष पूरे होने पर नैनीताल के प्रसिद्ध इतिहासकार डाॅक्टर अजय रावत ने कहा कि छात्रों को अपने राज्य और देश के इतिहास के बारे में जानकारी होनी चाहिये ,क्योंकि जब तक हम अपनी जड़ों को नहीं जानेंगे तब तक हम अपने आप को भी नहीं पहचान पायेंगे।इसलिये कम से कम तीन दिन स्कूलें अपने शहर के इतिहास के बारें में पढ़ाया जाये।
वही नैनीताल के दीपक बिष्ट ने बताया कि आज नैनीताल की ऐतिहासिक धरोहर राजभवन का 125वा केक काटा जाएगा जिसमे शहर के कुछ विद्वान और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे साथ ही आज नैनीताल के सभी ऐतिहासिक भवनों को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिज्ञा भी ली जाएगी।