नैनीताल:कड़कड़ाती ठंड में गर्मायी सियासत! बीजेपी प्रत्याशी सरिता आर्य ने खुद को कह डाला इलीगल (अवैध संतान)!जाति पर उठे सवालों पर शिकायतकर्ता पर कर सकती है मानहानि का केस

नैनीताल विधानसभा चुनाव से पहले ही यहां की सियासत एक बार फिर से गरमा गई है।नैनीताल   से भाजपा प्रत्याशी सरिता आर्य ने अपनी जाति पर उठे सवाल पर आज भावुक होकर ऐसी बात कह दी जिससे उनकी सब जगह किरकिरी होना लाजमी है। नैनीताल से भाजपा प्रत्याशी सरिता आर्य की जाति प्रमाण पत्र को उप जिलाधिकारी कार्यालय में चुनौती देने संबंधित शिकायत पर आज उन्होंने तहसीलदार नैनीताल से शिकायतकर्ता के पत्र की कॉपी मांगी, ताकि वह उसका जवाब दे सके।
 वही प्रेस वार्ता में सरिता आर्या भावुक हो पड़ी और उन्होंने यह तक कह डाला कि क्या मुझे अपनी जाति का बार-बार सबूत देना पड़ेगा? क्या मैं बार-बार यही बताती रहूंगी की मैं इलीगल बच्चा (अवैध संतान) हूं ?उनकी मां और पति अनुसूचित जाति के हैं उनका संपूर्ण परिवेश भी अनुसूचित जाति में ही हुआ है।यह कहकर सरिता आर्य रोने लगी। इस मामले में उन्होंने यह भी कहा कि अदालतों के निर्णय भी उनके पक्ष में है लेकिन बार-बार उनकी जाति को लेकर सवाल उठाकर उनकी छवि को कांग्रेस धूमिल करना चाहती है । जब वो पालिका अध्यक्ष बनी तब उनकी जाति पर सवाल उठाए गए, जब वह विधायक बनी तब भी उनकी जाति पर सवाल उठाए गए और दोनों बार कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।  सरिता आर्या ने इस दौरान कोर्ट का आभार भी जताया कि हर बार कोर्ट फैसला उन्हीं के पक्ष में दिया। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर वह दोबारा से मैदान में है जिसने मेरे खिलाफ शिकायत की है वह बागडाला गौलापार निवासी हरीश राम है, जबकि वह हमारी विधानसभा में आता भी नहीं है सरिता आर्य ने यह भी कहा कि इस व्यक्ति के द्वारा मेरी जाति को लेकर सवाल उठाया जा रहा है इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा है, इसमें मेरे प्रतिद्वंदी कांग्रेसी शामिल है, मैं इसके खिलाफ मानहानि का दावा  करूंगी।