नैनीताल:रानीबाग से नैनीताल प्रस्तावित रोपवे मामले में हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे ऑफ अथॉरिटी को बनाया पक्षकार, प्रो अजय रावत ने अति संवेदनशील क्षेत्र में होने वाले भारी निर्माण कार्य को लेकर दायर की थी याचिका

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने टूरिज्म डवलमेंट बोर्ड एवं राज्य सरकार द्वारा रानीबाग से नैनीताल के लिए प्रस्तावित रोपवे के मामले में प्रोफेसर अजय रावत की जनहित याचिका पर आज सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद कोर्ट की खण्डपीठ ने नेशनल हाइवे आफ अथॉरिटी को पक्षकार बनाकर उनसे रोपवे के मामले में 15 जून तक अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 15 जून की तिथि नियत की है। 
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्तमान समय मे एनएचएआई भी रोपवे बना रही है इस रोपवे के सम्बंध में एनएचएआई का क्या कहना है उनका मत भी जानना आवश्यक है।
   आपकों बता दे कि नैनीताल निवासी  पर्यावरणविद  प्रो. अजय रावत ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि टूरिज्म डवलमेंट बोर्ड और राज्य सरकार द्वारा रानीबाग से नैनीताल के लिए रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। रोपवे के लिए निहाल नाले और बलिया नाले के मध्य मनोरा पीक पर निर्माण कार्य होना है ये दोनो नाले भूगर्भीय रिपोर्ट के आधार पर अतिसंवेदन शील क्षेत्र है। लिहाजा यहा किसी भी प्रकार का निर्माण नही किया जा सकता। पूर्व में भी हाईकोर्ट ने हनुमान गढ़ी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी । याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि वे रोपवे के विरोध में नही है बल्कि रोपवे के निर्माण से पहले इसकी विस्तृत भूगर्भीय जाँच कराई जाए।