नैनीताल:अवैध रूप से फड़ लगाए गए तो नगर पालिका अधिशासी अधिकारी के साथ उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी भी होंगे ज़िम्मेदार!एडीएम भी करेंगे हर हफ्ते निरीक्षण,नियम के विरुद्ध लगे फड़ तो रद्द होंगे लाइसेंस

हाईकोर्ट और जिला प्रशासन के निर्देशों के बावजूद भी नैनीताल में अवैध फड़ खोखा व्यवसाय खूब पनप रहा है। केवल चिन्हित फड़ व्यवसायियों को ही पंत पार्क से लेकर गुरुद्वारा तक फड़ लगाने की अनुमति दी गई है लेकिन कई फड़ व्यवसायी अपनी चिन्हित जगह के साथ साथ दूसरी जगह फड़ लगाते नज़र आये तो कुछ बिना लाइसेंस के ही बेतुकी जगह फड़ लगाने लगे। अवैध फड़ व्यवसायियों के खिलाफ बार बार खबरें प्रकाशित होने के बाद अब जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। अब केवल नगर पालिका प्रशासन ही नही बल्कि उप जिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी नैनीताल भी अवैध तरीके से फड़ लगने के लिए ज़िम्मेदार होंगे।बीती गुरुवार को इस सम्बंध में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई जिसमें उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी को मुख्य रूप से रखा गया है। इनके अलावा एडीएम भी हर हफ्ते इन ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही का स्वयं निरीक्षण कर डीएम को अवगत करवाएंगे। 
गठित की गई समिति को प्रतिदिन पंत पार्क से लेकर गुरुद्वारे तक निरीक्षण करने को कहा गया है और कहा गया है कि तय समयानुसार केवल लाइसेंस धारी ही चिन्हित जगहों पर फड़ लगाएं अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाए। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करवाना सुनिश्चित करवाएं। जो लोग नियम के विरुद्ध फड़ लगाते पाए जाएं उनका लाइसेंस निरस्त कर कठोर कार्यवाही की जाए। इसके अलावा बस स्टैंड,झील किनारे किसी भी दशा में खाद्य सामग्री सम्बंधित कोई फड़ न लगाएं जाएं ये भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नैनी झील के किनारे लगी कपड़ों की दुकानों के बाहर और पार्कों की रेलिंग में हैंगरो में कपड़े न टांगे जाएं। साथ ही पॉलीथिन या प्रदूषणयुक्त किसी भी सामग्री का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंध हो।