हिजाब विवाद!जगह बदल गयी तो जज़्बात बदल गए! कर्नाटक हिजाब विवाद में मलाला यूसुफजई ने किया था हिजाब का समर्थन आज अफगानिस्तान में हिजाब अनिवार्य पर करने लगी विरोध!मानवाधिकार उल्लंघन का देने लगी हवाला

जगह बदल गयी तो जज्बात बदल भी बदल गए। दोगलेपन की  भी कोई हद होती है लेकिन पाकिस्तान की सोशल एक्टिविस्ट और नोबेल प्राइज विजेता मलाला यूसुफजई ने तो दोगलेपन की हदे ही पार कर दी। भारत मे हिजाब पहनने की पैरवी करने वाली मलाला ने अफगानिस्तान में हिजाब अनिवार्य करने पर विरोध जताया है। जी हाँ! भारत के कर्नाटक में पैदा हुए हिजाब विवाद पर मलाला यूसुफजई ने हिजाब की हिमाकत करते हुए कहा था "हिजाब पहनने वाली लड़कियों को स्कूल में प्रवेश से रोकना भयावह है,कम या ज़्यादा कपड़े पहनने को लेकर लड़कियों को महज एक वस्तु मान लिया गया है। भारतीय नेताओं को मुस्लिम महिलाओं को हाशिये पर जाने से रोकना चाहिए।"


वही जब हिजाब अफगानिस्तान में अनिवार्य कर दिया गया तो मलाला के जज्बात बदल गए और उन्होंने हिजाब अनिवार्य करने का जमकर विरोध किया।

मलाला ने वैश्विक नेताओ से आग्रह तक कर डाला कि वो अफगान महिलाओं के मानवाधिकारों का उल्लंघन के लिए तालिबान को जवाबदेह ठहराए। मलाला ने कहा कि तालिबान के हिजाब अनिवार्य पर दिए फरमान से अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों में डर बढ़ गया है।मलाला ने ट्वीट कर ये भी कहा कि तालिबान अफगानिस्तान के सार्वजनिक जीवन से महिलाओं और लड़कियों को मिटाना चाहता है। उसने लड़कियों को स्कूल से और महिलाओं को काम से बाहर कर दिया परिवार के पुरूष सदस्य के बिना महिलाओं की यात्रा पर बैन लगा दिया और अब पूरे शरीर को पूरी तरह ढककर चलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अफगानिस्तान की लाखों लड़कियों और महिलाओं के मानवाधिकारो के उल्लंघन के लिए तालिबान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"

 

उन्होंने ये भी कहा कि हमे अफगान महिलाओं के लिए अपनी चिंता और सहानुभूति कम नही करनी चाहिए क्योंकि तालिबान अपने वादों को तोड़ना जारी रखे हुए है। हम सभी खासकर मुस्लिम देशों को उनके साथ खड़ा होना चाहिए।


मलाला यूसुफजई हिजाब को लेकर अपने बयान बदलती रहती है। कभी उन्होंने हिजाब को ओवन के अंदर चलने जैसा बताया था और हिजाब का जमकर विरोध किया था लेकिन जब मामला भारत के कर्नाटक का सामने आया तब उनके जज्बात ही बदल गए। कर्नाटक हिजाब मामले में हिजाब का समर्थन किया और अब अफगानिस्तान में हिजाब अनिवार्य के विरोध में उतर आई उनके इस दोगलेपन रवैये को देखकर सोशल मीडिया में लोग मलाला को आड़े हाथों लेने लगे है।