फादर्स डे स्पेशल:बेटे को एक्टर बनाने के लिए इस पिता ने नैनीताल हाईकोर्ट की लाखों रुपये की नौकरी छोड़ मुंबई में कर दिया दिन रात एक!कंगना रनौत की फ़िल्म पंगा के फेमस चाइल्ड एक्टर यज्ञ भसीन के पिता के बलिदान को सैल्यूट!जानिए यज्ञ के पिता के बलिदान की ये रियल कहानी

कंगना रनौत की फ़िल्म पंगा से प्रसिद्ध हुए चाइल्ड एक्टर यज्ञ भसीन और उनके पिता दीपक भसीन की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। पिता की कुर्बानियों पर कई फ़िल्म बनी है रियल लाइफ में जो कुर्बानी दीपक भसीन ने अपने बेटे के लिए दी है वो आज फादर्स डे पर मिसाल के तौर पर पेश करने लायक है। दीपक भसीन के बलिदान की रियल स्टोरी हम सब को इंस्पायर करने वाली है।


तो आइए जानते है फेमस चाइल्ड एक्टर यज्ञ और उनके पिता दीपक भसीन की ये दिलचस्प कहानी।


7 साल के यज्ञ ने एक दिन अपने पापा से कहा कि"पापा मुझे एक्टर बनना है"। बस बेटे की ये ख्वाहिश और बेटे की काबलियत को देखते हुए दीपक भसीन ने नैनीताल हाईकोर्ट में राजस्व अधिकारी की पोस्ट से इस्तीफा दे दिया और यज्ञ को लेकर मुंबई निकल पड़े। उत्तराखंड के इतिहास में शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा जिसने लाखो रुपयों की सरकारी गजेटेड ऑफिसर की जॉब को बेटे को एक्टर बनाने के लिए छोड़ दी हो। 


नैनीताल की शांत ज़िन्दगी से निकल कर मुंबई की रफ़्तार भरी जिंदगी में हर रोज बेटे के लिए स्ट्रगल करना आसान नही था।


बेटे और पत्नी सोनिया के साथ दीपक को मुंबई में एक बाथरूम के बराबर के घर मे रहना पड़ा।मुंबई में पहुंच तो गए लेकिन आगे करना क्या था उन्हें कुछ नही पता था। दीपक को ऑडिशन के बारे में भी ज़्यादा जानकारी नही थी। उन्होंने मुंबई में यज्ञ का एडमिशन एक स्कूल में करवाया और स्कूल के बाद यज्ञ को लेकर 15 से 20 किमी काम की तलाश में पैदल चलते गए। इस बीच रास्ते मे दीपक यज्ञ का हाथ थामे हुए लोगो से पूछा करते,"मेरे बेटे को फिल्मों में काम करना कहां जाएं और क्या करें?"


उनकी इस बात पर कई लोग उन्हें पागल समझते,कई लोग मजाक उड़ाते, और कई लोग उन्हें झिड़क देते। ये सब यज्ञ भी अपनी आंखों से हर रोज देखता था। सरकारी अधिकारी जिसका रौब ही अलग होता है मुंबई में दर दर भटकते हुए बेटे के लिए काम मांग रहा था। ये सोचकर ही सिरहन हो उठती है।

 


एक दिन किसी भले इंसान ने दीपक को बताया कि अंधेरी में जाओ वहाँ ऑडिशन होते है। बस ये बात उनके लिए अंधेरे में किसी लौ से कम नही थी। दीपक अब हर रोज बेटे यज्ञ को स्कूल के बाद ट्रेन से अंधेरी ले जाने लगे। स्कूल 5 बजे तक खत्म होता उसके बाद यज्ञ को घर के गेट तक जल्दी जल्दी ले जाते जहाँ यज्ञ की मां एक बैग तैयार करके पहले से ही खड़ी रहती थी,कहीं देर न हो जाये इस वजह से दीपक घर ले अंदर भी नही जाते थे बस सोनिया से दूसरा बैग लेकर और स्कूल का बैग पकड़ा कर निकल पड़ते अंधेरी। दूसरे बैग में ऑडिशन का सामान और यज्ञ के दूसरे कपड़े होते। इस बीच दीपक को खाने पीने का भी होश नही रहता था,लेकिन वो यज्ञ के खाने का ख्याल रखते थे। दीपक की ये तपस्या बेहद कठिन थी,जिसके गवाह यज्ञ और सोनिया रहे। 


यज्ञ भी अपने पिता के साथ पूरी शिद्दत से हर रोज बिना थके बिना रुके चलता ही जाता,यज्ञ भी ऑडिशन की लाइन में घण्टो लगे रहता। एक दिन यज्ञ और दीपक की मेहनत रंग लाई 52 ऑडिशन के बाद यज्ञ को टीवी सीरियल मेरे साईं में एक ब्रेक मिला।


यज्ञ की एक्टिंग और पिता की मेहनत रंग ला गयी जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नही देखा।
इसके बाद यज्ञ को विज्ञापनों में भी काम मिला। शाहरुख खान जैसे बॉलीवुड के बादशाह के साथ यज्ञ को एक विज्ञापन में काम करने को मिला। फ़िल्म पंगा में कंगना रनौत के बेटे का दमदार किरदार यज्ञ ने बखूबी निभाया।

इसके बाद स्टार प्लस के सीरियल ये है चाहतें, में यज्ञ ने लीड रोल किया। अब यज्ञ की फ़िल्म बाल नरेन जल्द ही रिलीज होने वाली है ये फ़िल्म मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान पर बनी मोटिवेशनल फ़िल्म है।इसके अलावा यज्ञ बिश्वा में भी नज़र आएंगे। बिश्वा को इंटरनेशनल लेवल पर पहले ही काफी सुर्खियां मिल चुकी है ।


फादर्स डे पर दीपक भसीन की कुर्बानी एक मिसाल पेश कर रही है। जिस पिता ने बेटे के सपनो को पूरा करने के लिए सब कुछ छोड़ दिया वो पिता आदरणीय है।