चारधाम यात्रा-कृपया ध्यान दें!बुजुर्गों पर भारी पड़ रही है चारधाम यात्रा,28 श्रद्धालुओं की हो चुकी है मौत,इंसानों के साथ जानवरों की भी हो रही मौत!

चारधाम यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ये अलर्ट करने की खबर है। चारधाम यात्रा के दौरान हर रोज तीर्थ यात्रियों की मौतें होना चिंताजनक है। खबर लिखने तक मृतकों की संख्या 28 पार कर चुकी है जिनमे से बुजुर्ग यात्रियों की संख्या 13 हो गयी है ये सभी बुजुर्ग 60 वर्ष से ऊपर की आयु के थे।
उत्तराखंड स्वास्थ्य महानिदेशक तृप्ति बहुगुणा ने मीडिया को बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान जो भी मौतें हुई है वो पैदल मार्ग पर हुई है। और ज़्यादातर लोगो की मौत हार्ट अटैक या अन्य बीमारी रही है। इनमें से किसी भी यात्री की मौत अस्पताल में नही हुई,चारधाम यात्रा के बीच रास्तों में अस्पतालों और मेडिकल कैंप की सुविधाएं उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों की इच्छानुसार ही पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।कई परिजन नही चाहते कि पोस्टमार्टम किया जाए तो ऐसे में उनका बिसरा सुरक्षित रखा जा रहा है।
आपको बता दें कि चारधाम यात्रा 6 मई से शुरू हो चुकी है और भारी संख्या में तीर्थ यात्री चारधाम यात्रा पर पहुंच रहे है ऊंचाई की वजह से और ज़्यादा भीड़ की वजह से यात्रा के दौरान लोगो को ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही है जिस वजह से चारधाम यात्रा करना मुश्किल हो रहा है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा भी गाइडलाइंस जारी की गई है साथ ही अपील की जा रही है कि जिन लोगो को सांस की दिक्कत हो और स्वास्थ्य ठीक न हो ऐसे लोग चारधाम यात्रा न करें। चारधाम यात्रा के दौरान केवल इंसान ही नहीं बल्कि जानवर भी दम तोड़ रहे है।अब तक करीब 25 खच्चरो की मौत की खबर सामने आ चुकी है।पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक क्षमता से अधिक कार्य की वजह से जानवरो की मौत हो रही है।पिछले दस दिनों के ही 10 घोड़े खच्चरों की मौत हो गयी। चारधाम यात्रा के लिए  8000 से ज़्यादा घोड़ा खच्चरो का पंजीकरण है।